जयपुर
21, मार्च। ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ ने सदेव ग़रीबों का दिल जीता, एक किसान के
कहने पर उन्होंने स्वंय केवल इस लिए दिल्ली की यात्रा की कि उसका दिल रह
जाए जबकि आप उसका काम निकालने के लिए अपने ख़लीफ़ा या बादशाह को पत्र लिख
देते तब भी काम बन सकता था। ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ ना केवल एक महान सूफ़ी-संत थे
बल्कि आप एक बहुत प्रभावशाली गुरू भी थे, जिनके शिष्यों ने अपने-अपने
क्षेत्रों में बहुत बड़े स्तर पर समाज सुधार किया।
यह
बातें यहाँ घाटगेट स्थित आदम शाह हाॅस्पिटल के निकट हुए ‘‘जश्ने ग़रीब
नवाज़’’ में विश्व स्तीरय संस्था सुन्नी दावते इस्लामी के प्रसिद्ध वक्ता
मालेगाँव, महाराष्ट्रा से पधारे मौलाना सैयद अमीनुल क़ादरी ने कहीं।
इस
अवसर पर दित्तीय मुख्य अतिथि के रूप में बरेली शरीफ की दरगाह आला हजरत के
जिम्मेदार हजरत मौलाना मन्नन रजा खां मंनानी मियां और दरगाह अजमेर शरीफ के
जिम्मेदार मौलाना सैयद मुगीस मियां चिश्ती तथा इस संस्था से जुड़े सूरत,
मालेगाँव, अजमेर और बीकानेर सहित अन्य जगहों के मुबल्लिग (उपदेशक) भी शरीक
हुए जबकि शहर भर से उलेमा और इमाम हजरात बड़ी तादाद में शरीक हुए। विशेष रूप
से मौलाना क़ारी एहतिराम अ़ालम अ़जीजी, मौलाना अंसारूल कादरी, अजमेर,
मौलाना वली मोहम्मद शेरी, इमाम अम्रतपुरी मस्जिद, हजरत हाफिज मोइनुद्दीन,
अजमेर, हजरत मौलाना सैयद मोहम्मद कादरी, मौलाना इरफान बरकाती, इमामः तैबा
मस्जिद, कारी मुईनुद्दीन कादरी, इमाम आहंगरान मस्जिद, कारी जलालुद्दीन
कादरी, इमाम दरीवालान मस्जिद और मौलाना अशफाक हुसैन, इमाम खुमरान मस्जिद,
हाफिज मोहम्मद फारूक, हाफिज मोहम्मद खालिद, कारी शकील अहमद अशरफी आदि शरीक
हुए। यह पूरा प्रोग्राम जयपुर शहर मुफ्ती अ़ल्लामा अ़ब्दुसत्तार रजवी की
सरपरस्ती में हुआ है।
एस
डी आई जयपुर के मुबल्लिग तथा प्रोग्राम संयोजक मोहम्मद सुफ़यान अंसारी ने
एहसास पत्रिका के संवादाता से बातचीत में सभी मेहमानों का आभार जताया।
ज्ञात
रहे कि विश्व स्तीरय संस्था सुन्नी दावते इस्लामी वह संस्था है जो इस समय
विश्व के पच्चीस देशों में इस्लाम धर्म की सही तथा सच्ची व्याख्या कर रही
है ।
प्रोग्राम के अंत में विशेष जिक्र, दुअ़ा और सलाम हुआ। इस अवसर पर अपने प्यारे मुल्क भारत के लिए अमन शांति की भी दुअ़ा हुईं।


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